
देहरादून। राजधानी देहरादून के चकराता से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है।जहां बेहद चौंकाने वाला यह मामला एक दलित युवती के साथ जबरन संबंध बनाने के आरोप का है, साथ ही पीड़ित युवती को जान से मारने की धमकी और फिर पीड़िता द्वारा कीटनाशक खाकर आत्महत्या की कोशिश से जुड़ा है। और यही नहीं ये मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि इस मामले को लेकर पंचायत की दबंगई भी सवालों के घेरे में है। जिसकी जानकारी पीड़ित परिवार के द्वारा पुलिस को दी गई शिक़ायती पत्र के माध्यम से सामने आई है।

दरअसल ये पूरा मामला चकराता थाना क्षेत्र के मंझगांव का है। बताया जा रहा है की पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि गांव के ही एक शिक्षक पियाराम जोशी ने उसकी बहन के साथ ना सिर्फ जबरदस्ती दुष्कर्म किया बल्कि पीड़िता को जान से मारने की बात कहते हुए धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया, तो अंजाम बुरा होगा। इस घटना के बाद खौफजदा पीड़िता मानसिक रूप से इतनी टूट गई कि उसने कीटनाशक पर्दाथ का सेवन कर आत्महत्या की नाकाम कोशिश कर डाली। गनीमत रही कि वक्त रहते उसकी जान बचा ली गई।परिजनों का दावा है कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोग पंचायत के ज़रिए पीड़िता पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।
वहीं मामले मे पीड़िता के परिजनों की शिकायत के बाद एक्शन में आई चकराता पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच की ज़िम्मेदारी महिला उपनिरीक्षक हेमा बिष्ट को सौंपी गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं।
बहरहाल अब देखना यह होगा कि आरोपी आखिर कब तक पुलिस के हत्थे चढ़ कर सलाखों के पीछे पहुंचता है। वहीं सवाल यह भी कि — क्या इंसाफ पंचायतों के दबाव में दम तोड़ देगा? क्या आरोपी को राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण मिल रहा है? या कानून अपनी निष्पक्ष जांच कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा पायेगा?

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